

एलायंस टुडे ब्यूरो
सीतापुर। चर्चित पत्रकार हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो वांछित अपराधियों को पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार सुबह मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ पिसावां थाना क्षेत्र के दूल्हापुर तिराहे के पास उस समय हुई जब पुलिस को मुखबिर से दोनों आरोपियों की लोकेशन की जानकारी मिली थी। दोनों बदमाशों की पहचान मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के अटवा गांव निवासी संजय तिवारी उर्फ अकील और राजू तिवारी उर्फ रिजवान के रूप में हुई है। दोनों ही पिछले पांच माह से फरार थे और पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
गोली लगने के बाद अस्पताल में हुई मौत
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की कुल पांच टीमों ने पिसावां क्षेत्र में घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान महोली-पिसावां मार्ग पर दूल्हापुर तिराहे के पास बाइक से गुजर रहे दो संदिग्ध युवकों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, जिस पर उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए। उन्हें तुरंत सीएचसी पिसावां ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल सीतापुर रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या का पूरा मामला
गौरतलब है कि दैनिक जागरण के महोली संवाददाता राघवेन्द्र बाजपेयी की 8 मार्च 2025 को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह हमला सीतापुर-बरेली हाईवे पर हेमपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास हुआ था, जिसमें उन्हें चार गोलियां मारी गई थीं। इस निर्मम हत्या से पत्रकारिता जगत सहित पूरे जिले में रोष फैल गया था। हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी, जिसमें संजय तिवारी और राजू तिवारी के नाम सामने आए थे। दोनों फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ सहित विभिन्न एजेंसियां लंबे समय से सक्रिय थीं। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक कार्बाइन, एक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इससे साफ है कि आरोपी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
परिजनों में आक्रोश, स्थानीय पत्रकारों ने जताया संतोष
घटना के बाद मृत पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेयी के परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं कई स्थानीय पत्रकारों ने इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है। परिजनों ने राज्य सरकार से सीबीआई जांच और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग की है।
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