

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर पेपरलीक और भ्रष्टाचार मुक्त, समयबद्ध भर्ती तत्काल शुरू करने की मांग की है।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि BSP की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में पुलिस और पंचायती राज विभाग में करीब सवा दो लाख नए सरकारी पद सृजित किए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की भर्ती पर लगी रोक हटाकर सर्वसमाज के कई लाख लोगों को सरकारी नौकरियों में भर्ती दी गई थी।
उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर रहने के बाद भी BSP लंबे समय से देश, खासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत अन्य राज्यों में महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था, पिछड़ापन, मजबूरी में पलायन, महिला असुरक्षा, पेपरलीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से प्रभावी कदम उठाने की मांग करती रही है। मायावती ने आरोप लगाया कि ज्यादातर सरकारें इन मुद्दों को लेकर उदासीन और लापरवाह बनी हुई हैं।
बेरोजगार युवाओं के मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बताया
मायावती ने जंतर-मंतर पर बेरोजगारी और भविष्य को लेकर शिक्षित युवाओं के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लंबे आंदोलन ने बेरोजगारी और अंधकारमय भविष्य जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय महत्व की गंभीर चर्चा का विषय बना दिया है।
उन्होंने सरकारों से गरीबों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारी से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की अपील की।
मायावती ने कहा कि सरकारी नौकरियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचने की प्रक्रिया बंद करने और सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर तत्काल भर्ती शुरू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि एक परिवार के एक सदस्य को भी सरकारी नौकरी मिलती है तो इससे लाखों परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिल सकता है। मायावती ने कहा कि इससे SC, ST और OBC समाज को भी सुरक्षा मिल सकेगी, जो उनके अनुसार आरक्षण के प्रभावी तरीके से लागू नहीं होने के कारण गरीबी और लाचारी का सामना कर रहे हैं।
BSP प्रमुख ने सभी सरकारों से मुनाफाखोरी और केवल लाभ कमाने वाली सोच को छोड़कर संविधान की मानवतावादी और कल्याणकारी नीतियों को ईमानदारी से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘हर हाथ को काम’ देने की नीति व्यापक देश और जनहित में कई समस्याओं का समाधान कर सकती है।
इसके साथ ही मायावती ने संसद के मौजूदा सत्र में जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर जारी गतिरोध समाप्त करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि संसद में उचित बहस और चर्चा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि बिना पर्याप्त चर्चा के सरकारी विधेयकों के पारित होकर कानून बनने की प्रक्रिया पर रोक लग सके।

Lucknow Desk एलायंस टुडे की समर्पित न्यूज़रूम टीम है, जिसमें अन्नू सिंह ( Annu Singh ) जैसे कई पत्रकार मौजूद हैं जो राजधानी लखनऊ से जुड़ी राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा और स्थानीय मुद्दों की खबरें पाठकों तक पहुंचाते है। टीम का उद्देश्य तेज, सटीक और विश्वसनीय स्थानीय समाचार प्रदान करना है।



